गुलाबी चूत में काला लौंडा – Kaala lund se chudai

नमस्कार दोस्तों कैसे हो आप लोग | दोस्तों मेरा नाम जीनत खान है | मैं सलीमा बाद की रहने वाली हूँ | मैं गाज़ियाबाद में रुक कर पढाई करती हूँ | मैं अपने कॉलेज के हॉस्टल में ही रहती हूँ | दोस्तों मैं दिखने में एक ददम गोरी चिट्टी और एकदम पटाका लगती हूँ | दोस्तों मैं आज आप लोगो को एक ऐसी कहानी बताउंगी जिसमे मैंने अपनी गुलाबी चूत में काला लौंडा अन्दर लेके अपनी चूत का होल बड़ा करवाया | kaala lund

तो चलिए दोस्तों मैं आप लोगो को सीधा कहानी की ओर ले चलती हूँ |

तो दोस्तों ये कहानी उस समय की है जब मैं अपनी 12 वीं की पढाई अपने ही शहर के कॉलेज में करती थी | kaala lund

मेरा कॉलेज मेरे घर से थोड़ी ही दूर पर था मैं अपने कॉलेज साइकिल से जाया करती थी | दोस्तों मैं अपने कॉलेज की टोपर थी इसीलिए मैं अपने कॉलेज की कैप्टेन थी | जब नही मेरे कॉलेज में कोई फंक्शन होना होता था तब कॉलेज के सभी टीचर मेरी राय जरुर लेते थे | मैं अपने कॉलेज में पढाई के साथ-साथ खूब मस्ती भी किया करती थी | मेरी दो सहेलिय थी एक  का नाम निकिता था और एक का नाम अंजली था दोनों ही मेरे बहुत करीबी दोस्त थी | मैं उन दोनों को अपनी सगी बहन से भी ज्यादा प्यार करती थी और वो भी मेरे से बहुत प्यार करती थी और मुझे बहुत मानती थी |

लेकिन दोनों में एक बात थी दोनों ही बहुत हाइली सोसाइटी की थी |kaala lund

मीन्स वो दोनों का हिसाब ऐसा था की वो दोनों को जब भी कोई लड़का मिलता था वो दोनों उससे खूब मजे लेती थी और उसकी खूब रैगिंग करती थी | मैं उनको मना ही किया करती थी पर वो दोनों अपनी सरारतो से बाज नही आया करती थी | एक दिन की बात है हम तीनो अपने कॉलेज को जा रहे थे तभी रास्ते में एक लड़का बाइक से हम लोगो का पीछा कर रहा था | वो हमारे ही शहर के कॉलेज का था | वो अपनी बाइक हम लोगो के पीछे-पीछे चला रहा था और मेरी सहेली अंजली उसे देख-देख कर हंस रही थी | मैंने पानी सहेली की तरफ गुस्से से देखा तो उसने हसना बंद कर दिया |

बाद मैं मेरी दूसरी सहेली निकिता न बताया की ये इसका आशिक है जो इसके घर के पीछे रहता है | हम लोग अपने कॉलेज पहुंचे और अपनी क्लास में बैठ गये | मैंने अपनी सहेली से पूंछा की तु इसे पसंद करती है की की वो खली तुझे प्रेषण करता है तो उसने मुझसे कहा की अरे यार मैं तो सिर्फ अपनी जरूरत के लिए उसको लिफ्ट दिया करती हूँ | मैं कुछ समझी नही फिर निकिता ने मुझे बताया की अरे यार ये बहुत कमीनी है जब भी इसे इसकी गर्मी शांत नही होती है तब ये रात को अपने छत्त पर चली जाती है और वो भी आ जाता है और ये दोनों रात भर खूब सेक्स करते हैं |

ये सिर्फ उसे अपनी गर्मी शांत करने के लिए लिफ्ट दिया करती है और वो साला समझता है की ये उससे प्यार करती है |

वो थोडा बहुत दिखने में सही लगता है बस | kaala lund

मैंने अपनी सहेली पर बहुत गुस्सा हुई , मैं उससे 2-3 तक नही बोली थी |  पर वो इतनी कमीनी थी की वो अपनी हरकतों से बाज नही आती थी | मैं  उससे कुछ दिन नही बोली फिर उसने मुझे मना लिया था और मैं उससे फिर बोलने लगी थी क्योकि हम बचपन के दोस्त थे |

एक दिन अंजली ने मूझे और निकिता को अपने घर पर बुलाया उसका बर्थडे था | हम और निकिता अपना कॉलेज करके शाम को अंजली के घर पर पहुंचे | वहां खूब धूम धाम थी काफी लोग आये हुए थे | मैं और निकिता अंजली से मिले और फिर बाद मैं अंजली ने सबके साथ मिलकर  केक काटा | हम लोगो ने खूब मस्त की हम तीनो ने मिलकर डांस किया और फिर बाद में एक साथ बैठकर खाना खाया | रात काफी हो गयी थी इसीलिए अंजली ने मुझे और निकिता को अपने ही घर रोक लिया था | अगले दिन छूट्टी थी तो हम भी लोग उसी के पास रुक गये थे |

हम लोगो तीनो एक साथ अंजली के कमरे में लेते थे | kaala lund

हम लोगो ने थोड़ी देर तक बाते की फिर मुझे नींद आ गयी और मैं सो गयी थी और निकिता भी सो गई थी | मुझे गहरी नींद आयी ही थी की मुझे लगभग आधी रात्त को सिस्कारिया आ रही थी | मेरी नींद खुली मैंने निकिता को भी जगाया हम लोगो ने देख की अंजली अपने बेड पर नही थी | हम लोग उठे और कमरे के बाहर आये और जीधर से सिस्कारिया आ रही थी हम लोग उसी तरफ गये और बाद मैं देखा की किचेन में लाइट जाल रही थी और किचेन का गेट आधा खुला था | हम लोग विंडो से देखा तो अंजली और उसके रिलेशन का कोई लड़का था सायद वो दोनों नंगे होकर फ़र्स पर लेते थे और एक दुसरे के साथ सेक्स कर रहे थे |

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लड़का नीचे था और अंजली उसके ऊपर बैठ कर अपनी चूत में उसका लंड डाल कर कूड़े जा रही थी और अपने मुह से आह आहा अह आहा अह अह आहा अह आहा अह आहा अह आहा आहा अह आहा अह आहा आहा अह आहा अह औंह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह आह आहा आहा आहा अह आहा अह आहा अह आहा अह अह आहा अह आहा अह आह अह  की सिस्कारिया निकाल रही थी | हम लोग उसे देख कर चले आये और वापस बेड पर लेट गये | उसको अपनी चुत को चुदवाते हुए देख कर मेरा भी मन कर रहा था की मैं भी अपनी चूत को किसी से चुदाई करवाऊ |

अगले दिन सूबह हुई मैं और निकिता अपने घर आये | kaala lund

मैं बाथ लेके खाना खाके अपने कमरे में लेटी ही थी और रात की अंजली की चुदाई देखकर  अपनी चूत में उंगली डाल कर अन्दर-बाहर कर रही थी | तभी मेरी मम्मी ने मुझे आवज लगाईं की बेटा घर पर ही रहना मैं सब्जी लेने जा रहगी हूँ | मैंने गेट को लॉक कर लिया और मैं अपने कमरे में आके पूरी तरह से नंगी  होकर अपनी चूत में उंगली से अपनी चूत को चोदे जा रही थी | यह सब करते मेरे घर का नौकर छत्त की होल से देख रहा था मेरी नज़र उसपे पड़ी उसने भी मेरे को देखा और वो एकदम घबरा गया | मैंने उसको निचे बुलाया अपने कमरे में और पूंछा की क्या देख रहा था |

उसने डरते हुए कहा की कुछ नही दीदी मैं छत्त पर काम कर रहा तभी मेरी नज़र आप के ऊपर पड गयी पर मैं किसी से कहूँगा नही | मैं गरम थी ही और वो डरा  हुआ मैंने उसके लंड की ओर देखा उसका लंड एकदम खड़ा था | मैंने मन में सोंचा की क्यों न मैं अंजली की तरह अपनी  गर्मी इसी से  शांत करवा लू | मैंने उसके सारे कपडे उतार दिए | उसका लंड लगभग 5 फिट लम्बा और काला था | मैं बेड पर लेट गयी और उसको अपनी चूत को अपने मुह  से चाटने को कहा | मैंने अपनी दोनों टाँगे फैला दी और उसका सर पकड़कर अपनी चूत में दे के उससे अपनी चूत चटवा रही थी |

वो अपनी जीभ मेरी चूत के अन्दर तक कर दे रहा था.. kaala lund

और मुझे मजा आ रहा था और मैं उसका सर पर अपना हाथ सहलाते हुए अपने मुह आह आहा आहा अह आहा आहा अह आहा आह आहा अह आहा अह आहा अह अह आहा अह आहा उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह ओह्ह्ह ओह्ह ओह्ह उन्ह उन्ह आह आह आः आःह्ह आह्ह आह आह्ह अहह आह अह  की सिस्कारिया निकाल रही थी | थोड़ी देर तक मैंने उससे अपनी चूत को चटवाया फिर मैंने उसके उसको बेड पर लिटा दिया और उसके लंड को अपनी चूत में डाल कर धीरे-धीरे ऊपर नीचे हो रही थी | उसका लंड बहुत मोटा और लम्बा था मेरी चूत बहुत टाइट थी मैंने कभी अपनी चूत को चुदवाया नही था इसलिए मुझे बहुत दर्द भी हो रहा था |

पर मैं इतनी गरम हो गयी थी की मुझे दर्द का पता नही चल रहा था .. kaala lund

और मैं थोड़ी देर के बाद उसके ऊपर बहुत जोर-जोर से कूड़े जा रही थी और अपने मुह से आह आह अह आह अह आहा अह आहा अह आहा उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह ओह्ह ओह्ह आह आहा अह आहा अह अह की सिस्कारिया निकाल रही थी | थोड़ी देर के बाद मैं और वो दोनों एक ही साथ झड चुके थे | जब उसने अपना लंड मेरी चूत से निकला तब मेरी चूत का होल काफी फ़ैल गया था |

तो दोस्तों ये थी मेरी कहानी | kaala lund

इस तरह से  मैंने भी अपनी सहेली की तरह अपनी चूत की गर्मी शांत करवाई और आज भी जब मुझे लंड की कमी महशूस होती है तब मैं अपने नौकर से ही चुदवा लेती हूँ |

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